सरकारी कालोनी के नाम पर हुआ गरीबों को बेमौत मारने का षड़यंत्र, लहरियापुरवा में मलिन बस्ती कालोनी की दुर्दशा

उरई। कमीशनबाजी के चक्कर में डूडा के अधिकारियों ने लहरियापुरवा में भारत सरकार की योजना के तहत बनाई गई मलिन बस्ती कालोनी आधी-अधूरी हस्तगत कर ली जबकि कालोनी की व्यवस्थाओं के लिए गरीब बाशिंदों को अपने पैसे से इंतजाम करना पड़ रहा है। कोई धनीधौरी न होने के कारण कालोनी में गंदगी सहित अव्यवस्थाओं का भीषण साम्राज्य है जिससे लोगों को नारकीय हालत में गुजारा करना पड़ रहा है।

 

 

उक्त कालोनी को हर तरह से सुशज्जित करने का ख्वाब गरीबों को दिखाया गया था। उनसे मकान आवंटित करने में अंशदान भी लिया गया था। लेकिन उनके साथ खिलवाड़ हुआ जिसका पता कालोनी में प्रवेश करते ही चल जाता है। कालोनी के अंदर दाखिल होते ही परिसर में इतनी भीषण गंदगी है कि आगंतुक को उबकाई आने लगती है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह हालात कालोनी में किस कदर बीमारियों की सौगात बांट रहे होगें।

कालोनी में जगह-जगह सीवर उफना रहे हैं। उसी की गंदगी के बीच पेयजल की पाइप लाइन निकली है। आवासों की फिनसिंग पूरी नही हुई। न पुताई हो पाई है और न खिड़कियां लगी हैं। अंदर नलों में टोटियां नही हैं। शौचालयों में सीटे नही लगवाई गईं। लोगों को अपने पैसे से यह इंतजाम करने पड़े हैं। बहुत से लोग आधी-अधूरे इतंजाम में ही जैसे-तैसे रह रहे हैं। विद्युत लाइन उलझी हुई हैं जो कि मौत का डर दिखाती हैं उस पर तुर्रा यह है कि मोहल्ले के संपन्न लोग चिढ़ में कनेक्शन कटवाकर सप्लाई ठप्प करा देते हैं। गरीबों की कोई नही सुनता।

यह भी पता चला है कि आवंटन में भारी धांधली की गई है। कई अपात्रों को कालोनी आवंटित हो गईं जिसका सबूत यह है कि उनके मकानों में शुरू से ताले लगे हैं वे जरूरतमंद नही है इसलिए कोई रहने नही आ रहा। सुनीता, सुषमा, शकीला, लीलावती, कृष्णा देवी, जफरअली, प्रभुदयाल आदि ने कहा कि अवैध रूप से बसी मलिन बस्तियों मे भी इतनी बदहाली नही हो सकती जितनी इस सरकारी कालोनी में है पर कोई सुनने वाला नही है।

नगरीय विकास अभिकरण के परियोजनाधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव से पूंछा तो उनका कहना था कि उनके यहां रोजाना प्रदर्शन हो रहे थे जिससे मजबूरी में उनको कालोनी पूरी हुए बिना ही हस्तगत करना पड़ा। यह कालोनी जल निगम सीएनडीएस ने बनवाई है। जिसके ठेकेदार को काफी मुनाफा हुआ इस एजेंसी के अभियंताओं से संपर्क नही हो सका है।

Advertisements

जेसीबी चलाकर ग्राम समाज की जमीन पर गिरवाये कब्जे

उरई। कालपी तहसील के मलथुआ गांव में उपजिलाधिकारी ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों पर जेसीबी चलवा दी जिससे हड़कंप मचा रहा।

मलथुआ में तालाब की जमीन पर अजय पाल सिंह ने दीवाल बना ली थी। कब्जा हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले ने उन्हें बेआबरू करते हुए जेसीबी से दीवाल गिरवाई तो अन्य अवैध कब्जे करने वाले भी सहम गये। प्राथमिक विद्यालय में बने अस्थाई मकानों को भी हटवाया गया। कई ग्रामीणों ने विद्यालय के कमरों ने भूसा भर दिया था। भूसा भी हटवाया गया। खलियान से उपले हटवाये गये। कुम्हारगढ़ा और चकरोड के किनारे भी कब्जे हटाने में कोई मुरव्वत नही बरती गई।

इस दौरान जालौन सर्किल के पुलिस उपाधीक्षक संजय शर्मा, सिरसाकलार के थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन, लेखपाल रामकुमार प्रजापति, ग्राम प्रधान राजीव कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।

बैंक की धोखाधड़ी, गरीब की कई वर्ष की पेंशन हड़प गया स्टाफ

 

उरई। सार्वजनिक बैंके धोखाधड़ी का अडडा बन गई हैं। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की पिरौना शाखा से एक दलित की कई वर्ष की गरीब पेंशन धोखाधड़ी करके निकाल ली गई। पीड़ित ने गुरुवार को जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायती पत्र देकर इसका खुलासा किया। अब देखना है कि अधिकारी इसकी पड़ताल कर धोखाधड़ी करने वाले बैंक स्टाॅफ को जेल भेजेगें या गरीब का मामला समझकर इसकी लीपापोती कर दी जायेगी।

कोटरा थाने के छिरावली के निवासी सुरेश चैधरी ने बताया कि उसकी पेेंशन 2011 में मंजूर हो गई थी। मायावती शासन के बाद अखिलेश शासन में पेंशन योजना का नाम बदलकर समाजवादी पेंशन योजना कर दिया गया। जबकि वह समझता रहा कि उसकी पेंशन बंद हो गई है। उधर बैंक ने उसका खाता खोलने में भी लंबे समय तक टाल-मटोल की। बमुश्किल 2015 में वह अपनी पासबुक बनवा पाया।

इस बीच वर्ष 2016 में जब उसके पास समाजवादी पेंशन योजना का पत्र आया तो उसे जानकारी हुई कि उसकी पेंशन तो बराबर चालू है। जब वह बैंक गया तब उसे पता चला कि उसकी पेंशन बैंक कर्मचारियों ने उसकी जानकारी के बिना निकालकर हड़प ली है। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच का आदेश दे दिया है।

 

बाईपास पर ट्रक ने युवक को रौंदा

 

उरई। कालपी में गुरुवार को हाइवे पर ट्रक ने युवक को रौंद डाला। अस्पताल पहुंचाये जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया।

कालपी में बाईपास हाइवे पर बकेवर इटावा निवासी सतीश चंद्र (20वर्ष) पुत्र मुन्नी लाल जरूरी सामान खरीदकर सड़क पार कर रहा था। तभी कानपुर से उरई की तरफ बांस लादकर जा रहे ट्रक की चपेट में आ गया। सतीश ट्रक के पिछले पहिए में फंस गया। हादसे के बाद आनन-फानन में क्रेन बुलवाकर उसे ट्रक के पहिए के नीचे से निकाला गया। सरकारी अस्पताल में डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेब से मिले राशनकार्ड से उसकी शिनाख्त की गई।

 

 

जब बिल देखकर विकलांग उपभोक्ता के होश हुए फाख्ता

उरई। एक किलो वाट के घरेलू ग्रामीण कनेक्शन का 6 महीने का बिल विभाग ने 48 हजार रुपये से अधिक भेज दिया। बिजली विभाग की इस मनमानी से विकलांग उपभोक्ता को गहरा सदमा लगा। गुरुवार को उसने अस्त-व्यस्त हालत में जिला मुख्यालय पर आकर शिकायत की।

बिजली विभाग द्वारा निरीह उपभोक्ताओं के साथ मनमानी करके अत्याचार किया जा रहा है। इसका एक नमूना आज सामने आया। बोहदपुरा निवासी सुदाम कुशवाहा विकलांग हैं। उन्होंने एक किलो वाट का घरेलू कनेक्शन कराया है। उनके यहां उपभोग के नाम पर मात्र तीन बल्ब जलते हैं। लेकिन गत दिनों विभाग ने उन्हें 6 महीने का बिल 48730 रुपये भेज दिया तो उनके होश फाख्ता हो गये। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर जांच कराने का आश्वासन उन्हें दिया।

सामूहिक अवकाश पर रहे सरकारी ड्राइवर

 

उरई। राजकीय वाहन चालकों ने गुरुवार को प्रदेशीय नेतृत्व के निर्देश पर एक दिवसीय विशेष सामूहिक अवकाश लेकर लोक निर्माण विभाग स्थित कार्यालय से शांति मार्च कलेक्ट्रेट तक निकाला और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपा।

राजकीय वाहन चालक महासंघ के अध्यक्ष नसीम खान और महामंत्री महाराज सिंह पाल ने बताया कि वे लोग मुख्य रूप से सारे देश के राजकीय चालकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग मौलिक नियुक्ति का ग्रेड 1900 रुपये के स्थान पर 2000 रुपये लिपकीय संवर्ग के सामन करने की है। पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, सरकारी गाड़ी का बीमा, गाड़ी की सफाई का भत्ता देने, सरकारी वाहनों का दुरुपयोग बंद करने और निजी गाड़ियों को विभागों में चलाने पर रोक की भी मांग की गई है।

शांति मार्च में सीताराम शर्मा, गंगा प्रसाद, मथुरा प्रसाद, अर्जुन पाल, मुकेश, नरेश, राजू, बृजमोहन आदि दर्जनों राजकीय वाहन चालक शामिल थे।

सिर मुड़ाकर सफाई कर्मचारियों ने मांगों के लिए कराया ध्यानाकर्षित

उरई। ग्राम पंचायतों के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखी शैली में प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों ने सरकार का ध्यानाकर्षित कराने के लिए जिला पंचायती राज कार्यालय के सामने धरना देते हुए मुंडन कराया। कौतूहल से भरे लोगों की भीड़ इस दौरान उनका तमाशा देखने के लिए जमा हो गई।

गुरुवार को उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को लेकर हंगामी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और मंत्री आशीष झा ने कहा कि वे लोग मुख्य रूप से अपना पद नाम पंचायत सेवक करने, 1900 रुपये ग्रेड निर्धारित करने ग्राम पंचायत अधिकारी के पद के लिए पदोन्नति के अवसर प्रदान करने और नवीन पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन की वजह से पुराने डीआरडीए भवन के सभी कार्यालयों में आज दिन भर काम काज अस्त-व्यस्त रहा। शाम को जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर उन्होंने अपना धरना समाप्त किया।