पिंडारी में शराब ठेका के ख़िलाफ़ महिलाओं का प्रदर्शन

 

उरई । महिलाओं ने गाँव के अंदर बस्ती में शराब ठेका को हटवाने के लिए हंगामा किया । खबर पा कर पहुँची पुलिस ने  सूझबूझ  से काम लिया । बल प्रयोग की बजाय महिलाओं को मनाने की मशक्कत करके पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से उन्हे प्रदर्शन ख़त्म करने के लिए राजी कर लिया ।

एट थाना क्षेत्र में पिंडारी में शराब ठेका हटवाने के लिए महिलाओं द्वारा हंगामा किए जाने की खबर के बाद मौके पर दल बल के साथ पहुँचे उप निरीक्षक आरके सिंह के पहले तो महिलाओं के तेवर देख कर हांथ पाँव फूल गए लेकिन इसके बाद उन्होने धैर्य से काम लिया । एक ओर तो उन्होने महिलाओं को किसी विध्वंसकारी अंजाम तक पहुँचने से रोकने की सूझ बूझ दिखाई वहीं लगातार संवाद के जरिये वे उनके जोश पर पानी डालते रहे । एक घंटे बाद डी एम को ठेका हटाने की रिपोर्ट भेजने का भरोसा दिला कर आखिरकर प्रदर्शन को बिना किसी नुकसान के ख़त्म कराने में उन्होने कामयाबी हासिल कर ली ।

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सरकार के हुकुम को ठेंगा , कई दिन से क्रय केंद्रों पर भटक रहे किसान

कोंच-उरई । एक ओर सरकार किसानों की खरीद में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का फरमान जारी कर चुकी है तो दूसरी ओर कोंच तहसील क्षेत्र के चार क्रय केन्द्रों पर पिछले कई दिनों से खरीद बंद होने के कारण किसान परेशान हाल घूम रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक दिरावटी सहकारी समिति के अंतर्गत गांव में तथा ग्राम मनोहरी में संचालित दोनों क्रय केन्द्र प्रथम और द्वितीय पिछले कई दिनों से बंद पड़े हैं। इसके अलावा कैलिया सोसाइटी पर भी खरीद बंद होने के कारण किसान अपना गेहूं बेचने के लिये भटक रहे हैं। किसुनपुरा सोसाइटी का पहाडग़ांव में संचालित क्रय केन्द्र भी फिलवक्त गेहूं की खरीद से हाथ सिकोड़े बैठा है। इस बाबत एसडीएम मोईन उल इस्लाम से जब पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि चारों केन्द्रों पर खरीद फिलहाल बंद है जिसका कारण गोदामों में जगह नहीं होना है। इस संबंध में एडीएम को भी अवगत करा दिया गया है। पीसीएफ द्वारा खरीदे गये गेहूं के उठान के लिये वाहन नहीं उपलब्ध कराने के कारण वहां गोदाम फुल हो गये हैं। उन्होंने कहा है कि जल्दी ही माल का उठान कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि खरीद प्रभावित न हो।

छत पर सो रही महिला से दुष्कर्म का प्रयास

उरई । रात में घर की छत पर सो रही विवाहिता के साथ दो लोगों ने जबर्दस्ती दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला के चीखने चिल्लाने पर दोनों व्यक्ति उसे धमकी देते हुये भाग गये। घटना से पूर्व इन्हीं दोनों आरोपियों ने खेत में बकरियां चरा रही उक्त महिला पर घात लगाई थी लेकिन वहां लोगों की आमदरफ्त होने के कारण वे असफल बापिस हो गये थे। मामला नदीगांव थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी बुजुर्ग की है।
मिली जानकारी के मुताबिक थाना नदीगांव क्षेत्र के ग्राम सिवनी बुजुर्ग में रहने बाली एक विवाहिता का पति काम धंधे पर बाहर रहता है, वह अपने दो बच्चों के साथ घर में रह कर उनका लालन पालन करती है। उक्त महिला बीती रात घर की छत पर अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी तभी गांव के दो लोगों अनुरुद्घसिंह पटेल पुत्र हरनारायण तथा हरनारायण जाटव पुत्र कलकाईं ने दबे पांव आकर उसे दबोच लिया और उसके साथ जोर जबर्दस्ती करने लगे। इस हमले से बौखलाई महिला बचाव के लिये चिल्लाने लगी तो वह दोनों उसे धमकी देते हुये भाग गये। महिला ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी सास रिश्तेदारी में माधौगढ गई हुई थी और आरोपियों ने उसे घर में अकेला जान उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला ने यह भी  बताया कि कल वह दिन में जब खेतों पर बकरी चराने गई थी तब भी इन लोगों को घात लगाये देखा गया था लेकिन वहां लोगों की आमदरफ्त होने के कारण वे वहां से खिसक लिये थे। एसओ हेमंत कुमार ने बताया है कि तहरीर मिल गई है और मामले की जांच की जा रही है, एक आरोपी को हिरासत में भी लिया गया है जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।

 

 

 

 

सांसद ने भी गाड़ी से लाल बत्ती उतारी

कोंच-उरई । जालौन-गरौठा-भोगनीपुर के भाजपा सांसद भानुप्रताप वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  का जनप्रतिनिधियों की गाडिय़ों से लालबत्ती हटवाने का मंतव्य बिल्कुल साफ है कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि जनता ही वीआईपी है और जनता की भलाई करने के लिये किसी लाल-पीली बत्ती की जरूरत नहीं है। यह बात उन्होंने आज अपने आवास पर अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती हटाने के बाद पत्रकारों से कही। उन्होंने खाली पड़े तालाबों और पानी के लिये भटक रहे मवेशियों को लेकर भी कहा कि जो नहरें 6 मई से चालू होनी थीं वे अब 2 मई से चालू कराईं जा रहीं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के फरमान के बाद शनै: शनै: खत्म होते जा रहे बीआईपी कल्चर के बीच रविवार को इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा ने भी अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती खुद ही नोंच फेंकी है। सांसद का कहना है कि उनके नेता ने लालबत्ती कल्चर को खत्म कर पार्टी के जनप्रतिनिधियों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वास्तव में लोकतंत्र में वीआईपी तो जनता ही है, जनप्रतिनिधि तो उसके सेवक हैं जिन्हें उसने चुन कर इस लिये संसद और विधानसभा में भेजा है कि वे जनता की भलाई के लिये काम करें और उनको सुविधायें दिलाने के लिये प्रयास करते रहें। उन्होंने प्यासे भटक रहे मवेशियों को लेकर पूछे गये एक सवाल पर कहा कि यह बात उनके संज्ञान में है और जो नहरें 6 मई से चालू होनी थी वे अब 2 मई से चालू कराईं जा रहीं हैं ताकि तालाबों को भरा जा सके और मवेशियों की प्यास बुझ सके।

निजाम बदला , फिर भी एक महीने से लड़की के बाप की दर्ज नहीं हो रही रिपोर्ट

कोंच-उरई । विगत 30 मार्च को कोंच के आराजी लेन इलाके से बहला फुसला कर अगवा की गई नाबालिग किशोरी का पिता रिपोर्ट दर्ज कराने के लिये लगातार कोतवाली के चक्कर काट रहा है लेकिन उसकी रिपोर्ट लिखने के बजाये उसे हर बार टहला दिया जाता है।
कस्बे के आराजी लेन निवासी एक व्यक्ति ने बताया है कि गुजरी 30 मार्च 2017 को उसकी सोलह बर्षीय नाबालिग बेटी को पास के ही रहने बाले दो व्यक्ति बहला फुसला कर भगा ले गये थे। नाते रिश्तेदारियों में किशोरी की खोज खबर करने के बाद जब वह कहीं नहीं मिली तो उसने 6 अप्रैल को कोतवाली में तहरीर दी थी लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद से वह लगातार कोतवाली के चक्कर काट रहा है लेकिन हर बार उसे चलता कर दिया जाता है। किशोरी के बाप के मुताबिक घटना के दिन वह काम धंधे के लिये घर से निकला था और उसका पंद्रह बर्षीय बेटा भी एक दुकान पर काम करने चला गया था, इसी बीच पूर्वान्ह तकरीबन 11 बजे उक्त दोनों व्यक्ति उसके घर आये और बेटी को बहला फुसला कर ले गये तब से आज तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। उसने कल शनिवार को पुलिस अधीक्षक से मिल कर प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें रिपोर्ट दर्ज कर लड़की को खोजे जाने की मांग पुलिस से की है।

चार पहिया वाहनों की चोरी का धंधा , एक शातिर के हत्थे चढ़ने से पुलिस ने परतें उधेड़ीं

कोंच-उरई । कोतवाली पुलिस ने ट्रैक्टर चुराने बाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, बताया गया है कि उसने अपने गिरोह के अन्य साथियों के साथ मिल कर ग्राम दिरावटी से ट्रैक्टर चुरा कर मध्यप्रदेश में बेचा है। सूत्र बताते हैं कि हिरासत में बैठे व्यक्ति ने तीन अन्य लोगों के भी नामों का खुलासा किया है। उसकी सूचना के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है, इसी के साथ ट्रैक्टर बरामदगी के लिये भी प्रयास तेज कर दिये हैं। हालांकि अभी पुलिस इस मामले में परदेदारी बरत रही है लेकिन समझा जा रहा है कि जल्दी ही वह गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने की स्थिति में होगी।
गुजरी 19 अक्टूवर 2016 को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दिरावटी निवासी भगवत शरण पुत्र दुर्गविजय सिंह का ट्रैक्टर मैसी 241 नंबर यूपी 92 आर 9248 उस वक्त चोरी हो गया था जब ट्रैक्टर घर के पास स्थित बाड़े में खड़ा था। इस मामले ट्रैक्टर स्वामी की तहरीरी सूचना के आधार पर 21 अक्टूवर 2016 को कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ भादंवि की धारा 457, 380 में दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। आज पुलिस को इस मामले में अहमï् सुराग हाथ लगे और उसने दबिश देकर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले पर परदा डाल रखा है लेकिन पुख्ता सूत्रें से मिली जानकारी के मुताबिक हिरासत में बैठे व्यक्ति ने बताया है कि चुराया गया ट्रैक्टर मध्यप्रदेश में बेचा गया है। वह पूरा गिरोह बना कर चार पहिया वाहन चुराते हैं और दूरस्थ इलाकों में औने पौने दामों में बेच देते हैं। सूत्रों की अगर मानें तो हिरासत में लिये गये व्यक्ति ने तीन अन्य लोगों के नाम पुलिस को बताये हैं, गिरोह के अधिकांश सदस्य इसी जिले के बताये गये हैं। पुलिस हिरासत में बैठे व्यक्ति की सूचना को आधार बना कर अन्य चोरों को भी गिरफ्तार करने के प्रयास में जुट गई है, वह दिरावटी से चुराया गया ट्रैक्टर बरामद करने का भी प्रयास कर रही है। उम्मीद की जा सकती है कि जल्दी ही पुलिस इस गिरोह का पर्दाफाश करने की स्थिति में होगी।

अपडेट नहीं मिलीं वसूली की प्रविष्टियाँ , एस डी एम नाराज

कोंच-उरई । एसडीएम मोईन उल इस्लाम ने रविवार को   तहसील स्थित संग्रह कार्यालय का निरीक्षण किया जिसमें तमाम खामियां मिलने पर उन्होंने तगड़ी झाड़ पिलाई। उन्होंने न केवल अमीनों से स्पष्टीकरण तलब किया है बल्कि तहसीलदार से कमियां दूर कर एक सप्ताह में आख्या देने के लिये भी कहा है।
निरीक्षण के बाद एसडीएम ने बताया कि विविध देय पंजिका तथा बैंक देय पंजिका की प्रविष्टयां आद्यावधिक नहीं पाई गईं। माह अप्रैल की प्रविष्टयां अंकित नहीं थीं। तहसीलदार की कैश बुक भी आद्यावधिक नहीं थी। माह अप्रैल की प्रविष्टयां अंकित नहीं थीं तथा तहसीलदार के हस्ताक्षर माह अक्टूबर से नहीं किए गए थे, माह अप्रैल में मात्र 2 लाख 38 अड़तीस हजार 774 की वसूली जो मानक के सापेक्ष बहुत कम है अत: सभी अमीनों का स्पष्टीकरण तलब। मेमोरेण्डम रजिस्टर की प्रविष्टयों का कोषागार से मिलान नहीं कराया गया है। अमीनों का पेशी रजिस्टर में माह अप्रैल के दाखिले की प्रविष्टयां अंकित नहीं थी। तहसीलदार कोंच एक सप्ताह में सभी कमियों का निराकरण कराकर आख्या दें।